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कर्णेश्वर माघी पूर्णिमा मेला- स्नान ,दान ,ध्यान और दर्शन से धन्य हुआ जन-जीवन


धमतरी - धार्मिक आस्था, वेद मंत्रों की गूंज और महानदी के पावन जल के संगम में एक बार फिर श्रद्धा का महासमागम देखने को मिल रहा है। कर्णेश्वर महादेव धाम में आयोजित कर्णेश्वर माघी पूर्णिमा मेला महोत्सव 2026 का शुभारंभ विधिवत वैदिक अनुष्ठानों और कलश यात्रा के साथ हुआ पांच दिवसीय इस महोत्सव में दूर-दराज़ से पहुंचे श्रद्धालु संगम स्नान, ध्यान और दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।

🌊 भोर से संगम घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़

आज सुबह 3 बजे से ही संगम घाट पर श्रद्धालुओं का तांता लग गया। बच्चे, महिलाएं और बुज़ुर्ग—सभी ने महानदी के पवित्र जल को गंगा स्वरूप मानते हुए स्नान किया और भगवान कर्णेश्वर महादेव को जल अर्पित कर मनोकामना पूर्ति की कामना की।

🕉️ ध्यान, दर्शन और महानदी उद्गम का आध्यात्मिक अनुभव

मेले के दौरान श्रद्धालु कर्णेश्वर में ध्यान साधना के साथ बाबा श्रृंगी के दर्शन और जीवनदायिनी महानदी के उद्गम-स्थल का दर्शन कर आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव कर रहे हैं। पूरा क्षेत्र “हर-हर महादेव” के जयघोष से भक्तिमय हो उठा है।


जिला कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने न्यूज़ स्पेशल की टीम से बातचीत में कहा—

“कर्णेश्वर महादेव मेला पहले मड़ई के रूप में आयोजित होता था, लेकिन जनभावनाओं में आए बदलाव के बाद यह आज एक भव्य महोत्सव का रूप ले चुका है। इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है। अपनी समृद्ध संस्कृति के कारण कर्णेश्वर मेला न सिर्फ जिले बल्कि प्रदेश और दूसरे राज्यों में भी पहचान रखता है। जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। आने वाले समय में उद्गम से संगम और फ़र्सियां तक महानदी का एक अलग ही स्वरूप देखने को मिलेगा।”

🛡️ सुरक्षा, स्वास्थ्य और भंडारे पर विशेष फोकस

मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष विकल गुप्ता ने बताया कि कर्णेश्वर महादेव मेला महोत्सव 2026 में प्रदेशभर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर स्तर पर विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

उन्होंने कहा कि—

सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को प्राथमिकता दी गई है

पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था की गई है

पूरे मेले के दौरान विशाल भोजन भंडारा लगातार संचालित होगा

🎭 रात्रि में छत्तीसगढ़ी संस्कृति की झलक

श्रद्धालुओं के मनोरंजन के लिए रात्रि में छत्तीसगढ़ी लोक परंपरा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशेष नाट्य प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं, जो महोत्सव को और भी यादगार बना रही हैं।

👉 कुल मिलाकर, कर्णेश्वर माघी पूर्णिमा मेला महोत्सव 2026 आस्था, इतिहास और संस्कृति का ऐसा संगम बन गया है, जिसने कर्णेश्वर को एक बार फिर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आयोजनों की श्रेणी में स्थापित कर दिया है।

                                   मिश्रा जी की कलम से 🖊️....



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