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नगरी - सिहावा में कॉमर्शियल गैंस का काला खेल — मजबूरी बनी मुनाफाखोरी, 3500 में बिक रहा सिलेंडर

रायपुर - जब आम इंसान अपने चूल्हे की आग जलाने के लिए जद्दोजहद कर रहा हो.. जब छोटे होटल और ढाबों की रोज़ी-रोटी नीली कॉमर्शियल सिलेंडर पर टिकी हो.. तब अगर वही गैस लालच और मुनाफे की भेंट चढ़ जाए..... तो ये सिर्फ कालाबाज़ारी नहीं, बल्कि इंसानियत पर सीधा वार है..... जहाँ गैस की किल्लत को कुछ लोगों ने कमाई का ज़रिया बना लिया है.... और जिम्मेदार खामोश तमाशबीन बने बैठे हैं..... दरअसल धमतरी जिले के नगरी-सिहावा इलाके में इन दिनों कामर्शियल गैस सिलेंडर की भारी किल्लत ने हालात बिगाड़ दिए हैं..... इस कमी का फायदा उठाकर कुछ दलाल और सप्लायर खुलेआम कालाबाज़ारी कर रहे हैं.... सूत्र बताते हैं कि जो सिलेंडर आम तौर पर तय रेट पर मिलना चाहिए, वही अब 3 हजार 500 रुपए तक में बेचा जा रहा है..... होटल और ढाबा चलाने वाले लोग मजबूरी में ये महंगा सौदा करने को मजबूर हैं, क्योंकि उनके लिए चूल्हा बुझना मतलब कारोबार ठप होना है..
गुस्सा और बेबसी — जनता का दर्द
स्थानीय व्यापारियों और होटल संचालकों में भारी नाराज़गी है..... उनका कहना है ये सिर्फ लूट नहीं, हमारी रोज़ी-रोटी पर हमला है..... हम कब तक इस जुल्म को सहें ? गैस की कमी और आसमान छूते दामों ने छोटे व्यापारियों की कमर तोड़ दी है।
बड़ा आरोप — प्रशासन की चुप्पी

इस पूरे मामले में सबसे हैरान करने वाली बात ये है कि जिम्मेदार अधिकारियों को सब कुछ मालूम होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही..... बल्कि इल्ज़ाम ये भी लग रहे हैं कि कुछ लोगों को अंदरूनी संरक्षण मिल रहा है..... जिसकी वजह से कालाबाज़ारी करने वालों के हौसले और भी बुलंद हो गए हैं।

सवाल बड़ा है?

क्या प्रशासन इस खुले खेल पर रोक लगाएगा ? या फिर नगरी-सिहावा की जनता यूँ ही लुटती रहेगी और जिम्मेदार खामोश रहेंगे ?

संसद से प्रधानमंत्री की चेतावनी

इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में पश्चिम एशिया में जारी तनाव और युद्ध के असर पर चिंता जताई.... उन्होंने कहा अगर हालात लंबे समय तक बिगड़े रहे, तो देश में जरूरी चीज़ों की सप्लाई पर असर पड़ सकता है...... प्रधानमंत्री ने सख्त लहजे मे कहा कालाबाज़ारी और मुनाफाखोरी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा..... साथ ही देशवासियों से अपील की कि वे सब्र रखें, अफवाहों से बचें और हालात पर नजर बनाए रखें..... वही एक तरफ आम आदमी अपनी जरूरतों के लिए जूझ रहा है, दूसरी तरफ कुछ लोग उसी मजबूरी को बाज़ार बना बैठे हैं...... अब वक्त है जिम्मेदार जागें, वरना ये आग सिर्फ चूल्हों तक नहीं, जनता के गुस्से में भी भड़क सकती है 

मिश्रा जी की कलम से 🖊️...9575560069

              संसद में प्रधानमंत्री ने क्या कहा सुनिए 


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