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कुर्सी छोड़ जमीन पर बैठे कलेक्टर, पेड़ की छांव में सुनी ग्रामीणों की बात — विकास को लेकर बड़े संकेत

धमतरी - प्रशासनिक कुर्सी की औपचारिकताओं से परे,धमतरी के कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने एक बार फिर साबित किया कि सच्चा नेतृत्व वही है जो जनता के बीच बैठकर उनकी आवाज सुनता है। नगरी विकासखंड के कुकरेल, केरेगांव और सरईटोला के दौरे के दौरान उन्होंने न केवल विकास कार्यों की समीक्षा की, बल्कि पेड़ की छांव में जमीन पर बैठकर ग्रामीणों से सीधा संवाद कर प्रशासन को संवेदनशीलता की नई पहचान दी।

सरईटोला में कुसुम वृक्ष के नीचे लगी चौपाल में कलेक्टर मिश्रा का सहज और आत्मीय अंदाज लोगों के दिलों को छू गया। उन्होंने स्पष्ट कहा — “जनभागीदारी से ही विकास को गति मिलती है।” यह केवल एक बयान नहीं, बल्कि उनके कार्यशैली की झलक है।

कुकरेल में महाविद्यालय और बैंक शाखा की मांग हो, केरेगांव में नेटवर्क और स्वास्थ्य सुविधा का मुद्दा हो या सरईटोला में स्कूल भवन और पेयजल की जरूरतकलेक्टर ने हर विषय को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को त्वरित व प्राथमिक कार्रवाई के निर्देश दिए।

उनकी दूरदर्शी सोच में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, बैंकिंग और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाओं का समग्र विस्तार शामिल है। क्षेत्र के बढ़ते भौगोलिक और सामाजिक महत्व को ध्यान में रखते हुए उन्होंने चरणबद्ध विकास योजना तैयार करने पर जोर दिया।

स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों को बाजार उपलब्ध कराने और कौशल उन्नयन की पहल हो या नाथूकोना को सोलर ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास — कलेक्टर मिश्रा की सक्रियता प्रशासन को जनहित के केंद्र में खड़ा करती है।

ग्रामीणों के बीच उनकी सादगी, संवेदनशीलता और निर्णायक नेतृत्व शैली ने यह संदेश दिया कि प्रशासन अब सिर्फ दफ्तरों तक सीमित नहीं, बल्कि गांव की चौपाल तक पहुंच चुका है।

धमतरी में विकास की यह नई तस्वीर उम्मीदों को नया आसमान दे रही है।

   मिश्रा जी की कलम से 🖊️...9575560069

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