LIVE

6/recent/ticker-posts

स्वाभिमान की अग्नि से रोशन हुआ कुरुद, जय भवानी–जय शिवाजी की गर्जना से कांपी धमतरी की धरती माँ मातंगी दिव्य धाम बना राष्ट्र चेतना का केंद्र, गौरव रथ के स्वागत में उमड़ा ऐतिहासिक जनसैलाब

कुरुद -धमतरी:- जब इतिहास सड़कों पर उतरता है…जब आस्था, शौर्य और राष्ट्रभक्ति एक साथ गर्जना करते हैं…तब जन्म लेता है ऐसा दृश्य, जो केवल देखा नहीं—महसूस किया जाता है 20 फरवरी 2026 को धमतरी जिले का कुरुद ऐसा ही एक ऐतिहासिक साक्षी बना,जहाँ नासिक से जगन्नाथ पुरी तक चली राष्ट्रीय गौरव यात्रा का गौरव रथ जैसे ही माँ मातंगी दिव्य धाम पहुँचा— पूरी धरती “जय भवानी–जय शिवाजी” के जयघोष से गूंज उठी।
🛕 माँ मातंगी दिव्य धाम बना राष्ट्र चेतना का केंद्र
बिरेझर चौकी के समीप रथ के आगमन से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा सायं 5 बजे वैदिक मंत्रोच्चार, आरती और विधिवत पूजन के साथ रथ का भव्य स्वागत हुआ इसके बाद जो दृश्य सामने आया—वह केवल शोभायात्रा नहीं थी, वह शिव-शक्ति का साक्षात अवतरण था।
🔱 शिव-पार्वती स्वरूप, नंदी की सवारी और अग्नि नृत्य
भोलेबाबा और माँ पार्वती के स्वरूप में सजी झांकियाँ,
नंदी पर सवार दिव्य बारात,
भूत-प्रेत गणों का तांडव,
अग्नि की लपटों के बीच नृत्य करते कलाकार—
हर क्षण रोमांच, भक्ति और शक्ति से भरा हुआ था।
माँ मातंगी दरबार से एनएच-30 तक निकली यह शोभायात्रा
सायं 5 बजे से रात्रि 1 बजे तक
श्रद्धा, संस्कृति और राष्ट्रगौरव का महोत्सव बनी रही।
📢 यह आयोजन नहीं—एक आंदोलन है
छावा भारत क्रांति मिशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य
केवल उत्सव मनाना नहीं,
बल्कि छत्रपति शिवाजी महाराज के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है।

पीठाधीश्वर मातंगी दरबार डॉक्टर प्रेमा साईं ने स्पष्ट मांग रखी—
➡️ शिवाजी महाराज की जीवनी को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए
➡️ शिवाजी जयंती को राष्ट्रीय गौरव दिवस घोषित किया जाए
🎤 ओजस्वी वक्तव्य
माँ मातंगी धाम के पीठाधीश्वर डॉ. प्रेमा साईं महाराज ने कहा—
“यदि आज भारत की सनातन संस्कृति और मंदिर सुरक्षित हैं,
तो उसके पीछे छत्रपति शिवाजी महाराज का त्याग और पराक्रम है।
नई पीढ़ी को उनके विचारों को अपनाना ही होगा।”
🎶 भक्ति में डूबा कुरुद
रात्रि 9 बजे से छत्तीसगढ़ के सुप्रसिद्ध भजन एवं जस गीत सम्राट दुकालू यादव की प्रस्तुति ने वातावरण को भक्तिरस में डुबो दिया श्रद्धालु देर रात तक झूमते  रहे, मानो पूरा कुरुद क्षेत्र शिवमय हो गया हो।
यह आयोजन केवल एक रात का नहीं था…यह राष्ट्र चेतना की हुंकार थी
गौरव रथ आगे बढ़ चुका है,
लेकिन कुरुद की धरती पर गूंजा यह उद्घोष
लंबे समय तक याद दिलाता रहेगा—
जय भवानी 
जय शिवाजी !!!
                   मिश्रा जी की कलम से 🖊️...9575560069

Post a Comment

0 Comments