यह विशेष आयोजन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह महाराज जी की 828वीं श्री शिव महापुराण कथा होगी।
आयोजन समिति के अनुसार, प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 11 बजे तक भगवान श्री कर्णेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक किया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु सहपत्निक यजमान बनकर भाग ले सकते हैं। वहीं दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक श्री शिव महापुराण कथा का वाचन कथा वाचक गिरिबापू जी महाराज द्वारा किया जाएगा।
नौ दिनों तक भंडारे की व्यापक व्यवस्था
शिव भक्तों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आयोजन समिति द्वारा नौ दिनों तक भोजन प्रसादी (भंडारा) की व्यापक व्यवस्था की गई है। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं के लिए सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
देश-प्रदेश से उमड़ सकती है भारी भीड़
आयोजन समिति ने बताया कि इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। धमतरी जिला सहित आसपास के जिलों एवं पड़ोसी राज्य ओड़िशा से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इसे देखते हुए प्रशासन एवं आयोजन समिति द्वारा सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
सहयोग की अपील
आयोजन समिति ने सभी शिव भक्तों एवं धर्मप्रेमियों से इस महायज्ञ को सफल बनाने के लिए सहयोग करने की अपील की है रुद्राभिषेक एवं कथा में एक दिन या पूरे नौ दिनों तक यजमान बनने की व्यवस्था की गई है, जिसके लिए समिति द्वारा निर्धारित सहयोग राशि तय की गई है। इच्छुक श्रद्धालु आयोजन समिति के सदस्यों से संपर्क कर पुण्य के भागी बन सकते हैं।
समिति ने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, सेवा और सहयोग का महापर्व है, जिसमें सभी शिव भक्तों की सहभागिता अपेक्षित है।
मिश्रा जी की कलम से …✍️


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