LIVE

6/recent/ticker-posts

नगरी–सिहावा सड़क -गड्ढों में फंसी सरकार, सड़क नहीं बनी तो टूटा सब्र — फावड़ा उठाकर युवाओं ने खुद भर दिए गड्ढे

नगरी–सिहावा मार्ग अब सिर्फ एक सड़क नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही की जीती-जागती तस्वीर बन चुका है। यहां सवाल ये नहीं कि सड़क में गड्ढे हैं या नहीं, सवाल ये है कि अब सड़क बची भी है या नहीं!

आए दिन हादसे, रोज़ टूटती गाड़ियाँ और हर सफर जान जोखिम में डालने जैसा हालात इतने बदतर कि गड्ढे अब लोगों को मुंह चिढ़ाने लगे हैं।


विडंबना देखिए—

इन्हीं जर्जर, अतिजर्जर सड़कों से होकर वीआईपी, विधायक और लोक निर्माण विभाग के अधिकारी गुजरते हैं, फिर भी उन्हें यहां की हिचकोले खाती सड़कों का दर्द महसूस नहीं होता। शायद इसलिए, क्योंकि उनकी गाड़ियाँ राजधानी की चिकनी सड़कों पर ज्यादा दौड़ती हैं।

गरियाबंद से आया युवक बना सिस्टम का आईना

गरियाबंद से नगरी आए एक युवक ने अपनी कार मरम्मत करवाई, लेकिन लौटते वक्त नगरी की सड़क ने उसकी कार को ऐसा झटका दिया कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

बेबस युवक ने वीडियो जारी कर प्रशासन से सिर्फ एक मांग की—

👉 “सड़क ठीक कर दीजिए”

          गरियाबंद से नगरी पहुंचे युवक की गुहार सुनिए 

जब सिस्टम सोया, तो युवाओं ने फावड़ा उठाया

और फिर सामने आया वो दृश्य, जिसने पूरे सिस्टम के मुंह पर करारा तमाचा जड़ दिया।

नगरी के पाँच युवकों ने वो कर दिखाया, जो विभाग और जनप्रतिनिधियों को करना था।

कड़कड़ाती ठंड में, हाथों में फावड़ा और तगाड़ी लेकर ये युवा सड़क पर उतरे और गड्ढों को मिट्टी-मुरम से भरने लगे।

न कोई ठेका,

न कोई बजट,

न कोई सरकारी आदेश—

बस जिम्मेदारी और ज़मीर।

सवाल जो प्रशासन से टकराते हैं

▪️ नगरी में अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग मौजूद हैं, फिर सड़कें ग़ायब क्यों?

▪️ विधायक और अधिकारी रोज़ इसी रास्ते से गुजरते हैं, फिर आंखें क्यों बंद?

▪️ जब आम युवा सड़क सुधार रहे हैं, तो PWD आखिर किस काम के लिए है?

यह सिर्फ खबर नहीं, चेतावनी है

यह खबर शर्म की चादर ओढ़कर सोए नेताओं और अधिकारियों को जगाने की आख़िरी दस्तक है।

अगर अब भी सड़क नहीं बनी, तो यह माना जाएगा कि

👉 नगरी की सड़कों से ज्यादा जर्जर हमारा सिस्टम है

नगरी के इन युवकों को सलाम,

और 

लोक निर्माण विभाग व जनप्रतिनिधियों से सीधा सवाल—

अब भी नहीं जागे, तो अगली बार जनता ही सड़क बना देगी?

              मिश्रा जी की कलम से 🖊️......

Post a Comment

0 Comments